सीखें/वास्तु दोष
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भाग 11/13वास्तु दोष3 मिनट में पढ़ें
वास्तु दोष

आम वास्तु दोष

दोष घर की बनावट की वह स्थिति है जिसे वास्तु की कोई परंपरा असंतुलन या गड़बड़ी मानती है।

एक फ़्लोर प्लान, जिसमें बीच का रुका हुआ हिस्सा, एक कटा हुआ कोना और एक भारी चीज़ लाल धारियों से दिखाए गए हैं
दोष की जाँच पहले ठीक-ठीक यह दर्ज करती है कि घर में गड़बड़ी कहाँ और कैसी है। सुझाव उसके बाद ही आता है।
आम दोष
दोषपरंपरा में चिंता की बात
कटे हुए कोनेवास्तु जाँच में टेढ़ी-मेढ़ी सीमा वाले घर को एक पूरे चौकोर ढाँचे से मिलाकर देखते हैं, और नोट करते हैं कि किन दिशाओं का हिस्सा कम पड़ रहा है।
ब्रह्मस्थान में रुकावटपारंपरिक वास्तु चाहता है कि घर का बीच वाला हिस्सा खुला रहे। वहाँ खंभा, सीढ़ियाँ या भारी फ़र्नीचर हो, तो उसे रुकावट माना जाता है।
ईशान कोण में टॉयलेटवास्तु के कई मत ईशान कोण को पवित्र जगह मानते हैं और वहाँ टॉयलेट होना ठीक नहीं समझते।
उत्तर में रसोईपारंपरिक वास्तु उत्तर को जल से जोड़ता है, इसलिए वहाँ आग का ज़्यादा इस्तेमाल तत्वों का आपसी टकराव माना जाता है।
उत्तर में बेडरूमवास्तु के कुछ मत उत्तर को चहल-पहल वाली दिशा मानते हैं और मुख्य बेडरूम के लिए इसे पसंद नहीं करते। यह नींद की कोई डॉक्टरी जाँच नहीं है।
मुख्य द्वार में रुकावटमुख्य दरवाज़े के पास रखा फ़र्नीचर रास्ता रोक सकता है, जिससे घर में आना-जाना असुरक्षित और मुश्किल हो जाता है। रास्ता खुला रखें।
द्वार के ठीक सामने सीढ़ियाँवास्तु की कुछ परंपराएँ प्रवेश द्वार के ठीक सामने सीढ़ियाँ होना पसंद नहीं करतीं। साथ ही यह भी देखें कि वहाँ सुरक्षित आने-जाने के लिए पर्याप्त जगह है या नहीं।
उत्तर में मास्टर बेडरूमवास्तु के कुछ मत मुख्य बेडरूम के लिए उत्तर दिशा पसंद नहीं करते। यह पारंपरिक मान्यता नींद, सेहत या रिश्तों के बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं करती।
पानी और आग साथ-साथचूल्हे के ठीक बगल में सिंक हो, तो टकराव होता है — ये दोनों तत्व एक-दूसरे से उलझते हैं। दोनों के बीच कम से कम 3 फ़ुट की दूरी रखें।
अँधेरी जगहेंवास्तु में ऐसी रोशनी पसंद की जाती है जिसमें काम ठीक से हो सके, और कोने साफ़-खुले रहें। अँधेरी जगहों पर यह भी देखें कि वहाँ रोशनी और सुरक्षा के लिए असल में क्या चाहिए।
फ़ालतू सामान का ढेरफ़ालतू सामान का ढेर जहाँ भी हो, ऊर्जा रोकता है, और ब्रह्मस्थान पर इसका असर सबसे ज़्यादा पड़ता है। जगह खाली होगी, तभी उसमें ऊर्जा रहेगी।
हर घर परफ़ेक्ट नहीं होता — बहुत-से घरों में कोई न कोई दोष होता है। ये हमेशा के लिए नहीं होते — उपायों से इन्हें ठीक किया जा सकता है। देखें वास्तु उपाय।